Tuesday, January 1, 2013
Wednesday, May 9, 2012
Tuesday, May 8, 2012
Ritemail: 10 Amazing Water Towns & Villages
Ritemail: 10 Amazing Water Towns & Villages: Water villages are settlements that are usually built on the water. Houses often float on the water or are located on stilts and rarely on s...
- Surya
- Surya
जनता की गाड़ी कमाई और मंत्रियो की ऐश
जनता की गाड़ी कमाई पर ये मंत्री किस प्रकार ऐश करते है, यह इस ताज़ा रिपोर्ट से पता चलता है । सरकारी तंत्र के सामने खुद पर खर्च का सवाल आता है तो कोई भी खर्च बड़ा खर्च नज़र नहीं आता है। शाहखर्ची का आलम यह है कि केंद्रीय मंत्रियों और वीवीआईपी की घरेलू-विदेशी यात्राओं पर एक साल में 678 करोड़ रुपये से ज़्यादा फूंक दिए गए। वर्ष 2011-12 में ही केंद्रीय मंत्रियों और वीवीआईपी लोगों की यात्राओं पर खर्च 10 गुना से भी ज़्यादा बढ़कर 56.16 करोड़ से 678.52 करोड़ रुपये हो गया है। पूरी खबर विस्तार से पढ़े ।
- सूर्या
Monday, May 7, 2012
Monday, April 30, 2012
देश की सुरक्षा को खतरा
आज की बात : ताजा खबरों के अनुसार देश की सुरक्षा को एक गंभीर खतरा है, कुछ दिनों पहले ने सेना प्रमुख श्री सिंह ने इस बाबत प्रधानमंत्री को एक गोपनीय चिठ्ठी द्वारा अवगत कराया था । श्री सिंह के इस आशंका पर संसदीय समिति ने भी मुहर लगते पूर्ण ब्यौरा दिया है । पूरी खबर के लिए नीचे लिंक तो क्लिक करे

बहरहाल, चिंतनीय यक्ष प्रश्न यह है, कि इतने भारी भरकम रक्षा बजट के बावजूद, हथियारों के खरीद फ़रोख्त में इतनी कोताही क्यों बरती गयी । आखिर जनता के गाढ़ी कमाई से वसूले गए टैक्स और राजस्व कहा गए । क्यों भोली भाली जनता के सुरक्षा के खिलवाड़ किया जा रहा है । क्या हमारी कमाई नेताओ के विदेशी यात्राओ, सुख सुविधाओ और भत्ते के लिए है । शर्मनाक बात यह भी है कि , आज किसी भी सेना प्रमुख ने यह बात सामने नहीं लायी । और न ही रक्षा मंत्रालय ने ही देश कि सुरक्षा के तैयारी कि समय समय पर अवलोकन किया । बड़े शर्म कि बात है कि सभी राजनितिक दल ऐसे गंभीर मसले पर ध्यान नहीं दिया और टुच्ची तंग खिचाई राजनीति पर उलझे हुए है ।
भगवान ही मालिक है अब तो इस देश का ।
Friday, April 27, 2012
Ritemail: Selection of Funny Pictures
Ritemail: Selection of Funny Pictures: Selection of Funny Pictures, 10 more images after the break...
Ritemail: Pictures we never seen before
Ritemail: Pictures we never seen before: Pictures we never seen before, 34 more images after a break...
Thursday, April 26, 2012
घरेलु हिंसा और टोल फ्री नंबर
पिछले दिनों खबर आई, कि अब घरेलु हिंसा की शिकार महिलाये सीधे टोल फ्री नंबर पर घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है । सरकार का यह कदम निसंदेह स्वागतेय है, इससे काफी हद तक नारी पर हो रहे अत्याचारों से मुक्ति मिल सकेगी ।
पर इसका एक दूसरा पक्ष यह है भी बहुतेरे मामलो में यह देखा गया है कि कुछ महिलाए इसका बेजा इस्तेमाल भी करती है और ससुराल पक्ष को परेशान करने में इसका एक शस्त्र के सामान उपयोग करती है । पुलिस भी ऐसे मामलो की पूरी छानबीन किये बिना पुरुष पक्ष को आनन फानन में हवालात में डाल कर उन्हें और परेशान करती है । कोर्ट में जबतक पीड़ित पक्ष अपना साबित करे तब तक काफी समय गुजर चुका होता है, और लगभग
बर्बादी के कगार पर आ खड़ा होता है । दुखद बात की कानून भी ज्यादातर महिलाओ को ध्यान में रखकर बनाये गए है । जैसे सारा कसूर सिर्फ पुरुषो का ही होता हो ।
ऐसे घरेलू हिंसा कि शिकार सिर्फ महिलाये होती है ऐसा नहीं, बड़ी तादात में आजकल पुरुष भी इसका शिकार हो रहे । फिर चाहे वह शारीरिक हो या फिर मानसिक प्रतारणा । उलेखनीय बात यह है, इस हिंसा के शिकार निचले तबके से लेकर ऊँचे तबके के लोग शामिल है । जैसे आई ए एस , आई पी एस और शासन के उच्च अधिकारी भी रहते है ।
अंततः, क्या ही अच्छा हो की पुरुष को भी इस प्रकार की सुविधाए ( टोल फ्री नंबर ) मिले, या कम से कम उन पर कार्यवाही करने के पहले उनका भी पक्ष ठीक प्रकार से सुना जाये ।
इस विचारौतेजक बहस में आप सभी का स्वागत है. अपनी टिपण्णी से अवगत कराये ।।।।
- सूर्या
पर इसका एक दूसरा पक्ष यह है भी बहुतेरे मामलो में यह देखा गया है कि कुछ महिलाए इसका बेजा इस्तेमाल भी करती है और ससुराल पक्ष को परेशान करने में इसका एक शस्त्र के सामान उपयोग करती है । पुलिस भी ऐसे मामलो की पूरी छानबीन किये बिना पुरुष पक्ष को आनन फानन में हवालात में डाल कर उन्हें और परेशान करती है । कोर्ट में जबतक पीड़ित पक्ष अपना साबित करे तब तक काफी समय गुजर चुका होता है, और लगभग
बर्बादी के कगार पर आ खड़ा होता है । दुखद बात की कानून भी ज्यादातर महिलाओ को ध्यान में रखकर बनाये गए है । जैसे सारा कसूर सिर्फ पुरुषो का ही होता हो ।
ऐसे घरेलू हिंसा कि शिकार सिर्फ महिलाये होती है ऐसा नहीं, बड़ी तादात में आजकल पुरुष भी इसका शिकार हो रहे । फिर चाहे वह शारीरिक हो या फिर मानसिक प्रतारणा । उलेखनीय बात यह है, इस हिंसा के शिकार निचले तबके से लेकर ऊँचे तबके के लोग शामिल है । जैसे आई ए एस , आई पी एस और शासन के उच्च अधिकारी भी रहते है ।
अंततः, क्या ही अच्छा हो की पुरुष को भी इस प्रकार की सुविधाए ( टोल फ्री नंबर ) मिले, या कम से कम उन पर कार्यवाही करने के पहले उनका भी पक्ष ठीक प्रकार से सुना जाये ।
इस विचारौतेजक बहस में आप सभी का स्वागत है. अपनी टिपण्णी से अवगत कराये ।।।।
- सूर्या
Wednesday, April 25, 2012
क्या कहू !! अपनी पहचान की अनवरत तलाश जारी है ! बचपन से पढने और लिखने का शौक रहा, पढ़ने का सिलसिला तो फिर भी जारी है, पर लिखने के मामले में कुछ पूर्वाग्रह से ग्रस्त रहा ! बनना कुछ और चाहता था पर बन कुछ और गया, इसीलिए लेखन में कभी हाथ नहीं आजमाया !
इन्टरनेट ने हम जैसे लोगो को भी अपनी भाव अभिव्यक्ति और अंतर्मन कि बातो को आप जैसे बुद्धिजीवी लोगो के सामने रखने का अवसर दिया है, तो सोचा कि चलो इसी बहाने अपने पहचान को पुनर्परिभाषित किया जाये और अपने दबी इछाओ को और दमित न किया जाये, सो जनाब शुरू हो गए !!!!
बस आप सभी का आशीर्वाद और प्रोत्साहन चाहिए !!
शुभेच्छु
सूर्या
कलेक्टर मेनन की रिहाई : उम्मीद की किरण
आज की बात : बड़े उहापोह की स्थिति के बाद एक उम्मीद की किरण नज़र आ रही है, ज्ञातव्य हो कि,
आज दोनों पक्षों के वार्ताकारो के बीच रायपुर में बैठक होगी, जिसमे नक्सली मांगो के सन्दर्भ कोई निर्णय हो
जाये ! पर इन सब के बीच बुद्धदेव शर्मा जी जैसे बुद्धिजीवी के द्वारा नक्सलीयो कि तरफदारी, वस्तुस्थिति से परे नज़र आता है, और पचाने लायक भी नहीं ! व्यवस्था के प्रति नाराज़गी तो समझ आती है, पर उसे व्यक्त करने का यह तालिबानी तरीका तो बिलकुल भी समझ के बहार है ! आखिर जिन भोले आदिवासीयो के हक़ कि तथाकथित लड़ाई वो लड़ रहे है, तो फिर उन्ही मासूम की हत्या ! तो फिर शासन और और उनके तौर तरीके में क्या फर्क !Bhaskar News
http://www.bhaskar.com/article/CHH-RAI-could-start-the-conversation-today-can-increase-maoist-deadline-tomorrow-3168778.html
चलिए, यह तो एक बड़ा बहस का मुद्दा है, फिलहाल तो मेनन साहब की रिहाई की उम्मीद करे !! फिर बहस को आगे बढाएंगे !!
शुभेच्छु
सूर्या
Ritemail: Do Tomatoes Grow On Trees ?
Ritemail: Do Tomatoes Grow On Trees ?: Tomato tree became a real find for those gardeners who love to experiment. This is a very unusual hybrid with great energy of growth, and i...
Tuesday, April 24, 2012
मुस्कारिये
सभी दोस्तों को सादर नमस्कार,
इस दौड़ती भागती जिंदगी और दुःख के पलो के बीच लीजिये पेश है, मुस्कराने और गुदगुदाने के लिए कुछ तस्वीरे. पसंद आने पर अपनी टिपण्णी जरूर प्रेषित कीजिये ताकि यू हि आपका दिल बहलाता रहूँ.
मुस्कारिये
आपका ही
सूर्या
Location:
Raipur, Chhattisgarh, India
Monday, September 26, 2011
Life before Expiry of Life
friends, Just Imagine that if you are able to know about your Date of Expiry ( Means you date of death ) like other products. What You will do ????? Scared ?? In my opinion when you better know about your deadline than you can live better than ever. In my case I will utilize my rest of life properly. I will try to make my desires comes true whatever I wish but I could'nt do during my life. I will spent my rest of life with more fun, enjoy and give it a meaning.
Friends, as I always wish make "Around the world Trip", Specially to visit once to Egypt to see Pyramids, wants to go Mansarovar, wants to read all good literature books. I want to be a good singer a musician too. etc...etc....
uffff......endless wishes are there. Anyways.
Friends, Might be possible you think in same direction too. If yes then please post & share your thoughts.
Or, start thinking that what will happen if your life finishes all-of-sudden.
Friends, as I always wish make "Around the world Trip", Specially to visit once to Egypt to see Pyramids, wants to go Mansarovar, wants to read all good literature books. I want to be a good singer a musician too. etc...etc....
uffff......endless wishes are there. Anyways.
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Or, start thinking that what will happen if your life finishes all-of-sudden.
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